आयोग

उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 (उत्तराखण्ड अधिनियम संख्या-20, वर्ष 2011) की धारा-12 तथा धारा-13 के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग कर राज्य सरकार ने मुख्य आयुक्त एवं दो आयुक्तों को सम्मिलित करते हुए उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग का गठन किया है। इस विषय में सुराज, भ्रष्टाचार उन्मूलन एवं जनसेवा अनुभाग, उत्तराखण्ड शासन ने अधिसूचना संख्या- 164/XLIII(I)/14-20(01)/2014 दिनांक 13 मार्च, 2014 को जारी की है।
आयोग एक निगमित निकाय है, जिसका प्रधान कार्यालय देहरादून में अवस्थित है। मुख्य आयुक्त को आयोग के कार्यों के व्यवहरण में सामान्य पर्यवेक्षण और निर्देशन की शक्तियाँ प्रदान हैं। आयोग को मूल रूप से उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम के प्राविधानों को लागू कराने तथा जनसामान्य को सेवाऐं सुलभता से प्राप्त कराने हेतु राज्य सरकार को संस्तुतियां प्रेषित करने का दायित्व प्राप्त है।



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