शक्तियाँ

जब आयोग किसी मामले की जांच कर रहा हो तो उसे सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अधीन वाद के परीक्षण करते समय सिविल न्यायालय की शक्तियों के अनुरूप शक्तियाँ निहित हैं। अतः आयोग को निहित कतिपय महत्वपूर्ण शक्तियाँ निम्न प्रकार हैंः-

  • व्यक्तियों को समन और उपस्थित होने के लिए बाध्य करने, शपथ-पत्र पर मौखिक अथवा लिखित साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बाध्य करने तथा अभिलेखों अथवा वस्तुओं को प्रस्तुत करने की शक्ति।
  • अभिलेखों के निरीक्षण और खोज की अपेक्षा करने की शक्ति।
  • शपथ-पत्र पर साक्ष्य प्राप्त करने की शक्ति।
  • किसी न्यायालय अथवा कार्यालय से, उससे सम्बन्धित कोई लोक अभिलेख या प्रतियों की माँग करने की शक्ति।
  • गवाहों अथवा दस्तावेजों के परीक्षण के लिए समन जारी करने की शक्ति।


Comments are closed.