आयोग के मुख्य कार्य

उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 की धारा-17 में निर्दिष्ट आयोग के कतिपय मुख्य कार्य निम्न प्रकार हैंः-

  • पुनरीक्षणों को दाखिल और निस्तारित करना।
  • पदाभिहित अधिकारी के सेवा को उपलब्ध कराने में असफल होने पर स्वतः संज्ञान लेना तथा शिकायतों का निस्तारण।
  • सेवाओं को उपलब्ध कराने से संबंधित कार्यालयों तथा अपीलीय प्राधिकारियों का निरीक्षण।
  • सेवा प्रदान करने में असफल होने वाले कार्मिकों के विरूद्ध राज्य सरकार को विभागीय कार्यवाही की संस्तुति।
  • सेवाओं की उपलब्धता को अधिक पारदर्शी और सरल करने हेतु प्रक्रियाओं में संशोधन के लिए संस्तुति करना।
  • अधिसूचित सेवाओं में उपान्तरण तथा अतिरिक्त सेवाओं को अधिसूचित करने हेतु राज्य सरकार को सुझाव देना।
  • अधिनियम के उपबन्धों के अधीन समुचित आधार उपलब्ध होने पर स्वतः जांच।


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