अति-आवृतक प्रश्न (एफ0ए0क्यू0)

प्रश्न-1 :उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 कब लागू हुआ?

प्रश्न-2  :‘सेवा‘ का क्या अभिप्राय है?

प्रश्न-3 :उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अंतर्गत कितनी सेवाऐं अधिसूचित हैंघ् और वे कौन-कौन सी है?

प्रश्न-4 :कोई नागरिक उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अंतर्गत सेवाऐं प्राप्त किये जाने हेतु किस प्रकार आवेदन कर सकता है?
प्रश्न-5 :सेवा कितने समय के भीतर दी जानी है?

प्रश्न-6 :पदाभिहित अधिकारी कौन हैंघ् उनके क्या कर्तव्य हैं?

प्रश्न-7 :अपीलीय प्राधिकारी कौन हैं और उनके क्या कार्य हैं?
प्रश्न-8 :आवेदक को उसका आवेदन स्वीकार किये जाने की जानकारी कैसे प्राप्त होगी?

प्रश्न-9 :क्या पदाभिहित अधिकारी आवेदन के अपूर्ण होने अथवा आवश्यक कागजात नहीं लगाये/दिये जाने पर आवेदन-पत्र को प्राप्त करने से मना कर सकता है?

प्रश्न-10 :क्या आवेदन-पत्र जन-सुविधा केन्द्र में उस स्थिति में भी उपलब्ध कराया जा सकता है जबकि पदाभिहित अधिकारी का कार्यालय किसी और स्थान पर अवस्थित हो?

प्रश्न-11 :क्या उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 के अंतर्गत आवेदन फीस रहित हैं?

प्रश्न-12 :क्या अपील/पुनरीक्षण हेतु कोई शुल्क निर्धारित है?
प्रश्न-13 :यदि आवेदन-पत्र समग्र रूप से पूर्ण हो परन्तु उसे ग्रहण नहीं किया जा रहा हो अथवा भ्रष्ट गतिविधियों के कारण सेवाओं के प्रभावी वितरण में बाधा/रूकावट उत्पन्न होती हो, तो इस स्थिति में शिकायत कहां दर्ज की जानी है?

प्रश्न-14 :प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के स्तर पर अपील के निस्तारण में कितना समय लगेगा?

प्रश्न-15 :द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी के स्तर पर अपील के निस्तारण में कितना समय लगेगा?

प्रश्न-16 :क्या शिकायत दर्ज किये जाने हेतु सीधे उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग को सम्पर्क किया जा सकता है?
प्रश्न-17 :क्या आयोग को सेवा-प्रदाता तंत्र में सुधार हेतु सुझाव अथवा अतिरिक्त/अन्य सेवाओं को अधिनियम के अंतर्गत सम्मिलित किये जाने हेतु लिखा जा सकता है?
प्रश्न-18 :आयोग को सुझाव किस प्रकार उपलब्ध कराये जा सकते हैं?

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